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नानी

नानी

नानी तुम हो कैसी नानी?
नहीं सुनाती नई कहानी।

नानी बोली- प्यारे नाती।
नई कहानी मुझे न आती।

मेरे पास तो वही कहानी।
एक था राजा एक थी रानी।

नई बातें कहां से लाऊं?
तेरा मन कैसे बहलाऊं?

तुम जानो कम्प्यूटर बानी।
तुम हो ज्ञानी के भी ज्ञानी।

मैं तो हूं बस तेरी नानी।
तुम्ही सुनाओ कोई कहानी।

- दीनदयाल शर्मा

2 टिप्पणियाँ:

महामंत्री - तस्लीम said...

नानी का घर सबसे प्यारा।

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S.B.A. TSALIIM.

दीनदयाल शर्मा said...

Jakir sahab...khoob mehnat kr rhe hain...badhaaee...deendayalsharma.blogspot.com